नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर को एक राष्ट्रीय आर्थिक केंद्र (Economic Hub) के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शहर की दो प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लगभग ₹13,000 करोड़ की राज्य गारंटी को मंजूरी दी है। यह फंडिंग मुख्य रूप से हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) से ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी।
परियोजनाओं का विवरण और वित्तीय आवंटन:
इंटरनेशनल बिजनेस एंड फाइनेंस सेंटर (IBFC): न्यू नागपुर बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के तहत बनने वाले इस केंद्र के लिए ₹4,999.28 करोड़ की गारंटी स्वीकृत की गई है। यह ₹11,300 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जो हिंगना तहसील के लाडगांव और गोधनी में 692 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली होगी।
न्यू आउटर रिंग रोड और ट्रांसपोर्ट टर्मिनल: इसके लिए ₹7,999.13 करोड़ की गारंटी दी गई है। इस परियोजना के तहत तुराकोंडा, शिरुल, परसाद और इतगांव में आधुनिक ट्रक और बस टर्मिनल बनाए जाएंगे, जिससे शहर के यातायात को सुगम बनाया जा सके।
किसानों को मुआवजा और रोजगार की संभावनाएं:
उचित मुआवजा: राजस्व और जिला संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आश्वासन दिया है कि किसानों को बाजार दर से पांच गुना मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, प्रति एकड़ अधिग्रहित भूमि के बदले परियोजना क्षेत्र के भीतर 1,500 वर्ग फुट का विकसित भूखंड भी दिया जाएगा।
रोजगार: इस बिजनेस डिस्ट्रिक्ट से विशेष रूप से नॉलेज सेक्टर और स्टार्टअप्स में 5 लाख से अधिक नौकरियों के सृजन की उम्मीद है।
कार्यान्वयन और शर्तें:
नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NMRDA) इन ऋणों को 8.60% की ब्याज दर पर जुटाएगा, जिसे 15 वर्षों में चुकाना होगा। एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड इस परियोजना में सलाहकार के रूप में कार्य करेगी। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए, NMRDA को हर महीने पुनर्भुगतान रिपोर्ट और छमाही वित्तीय विवरण सरकार को सौंपने होंगे।
राज्य सरकार के इस भारी वित्तीय समर्थन से नागपुर के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे यह शहर भविष्य में एक प्रमुख वित्तीय सेवा केंद्र बनकर उभरेगा।